Ambikapur News : अंबिकापुर / रघुनाथपुर / सीतापुर । सरगुजा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिन पूर्व लुण्ड्रा क्षेत्र के ग्राम असकरा में एक महिला को मौत के घाट उतारने के बाद हाथियों ने दूसरे दिन आज पुनः ग्राम चिरगा में धावा बोल पिता पुत्री राम पहाड़ी कोरवा 60 वर्ष व पियारो मुढियार 35 वर्ष को मौत के घाट उतार दिया। वहीं सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम देवगढ़ में भी आज प्रातः छह बजे दो जंगली हाथियों ने एक 55 वर्षीय मोहर लाल पैकरा को कुचल कर मार डाला। पिछले दो दिन के भीतर जंगली हाथियों द्वारा चार लोगों को मौत के घाट उतारे जाने से ग्रामीणों में दहशत और वहीं वन विभाग में भी हड़कंप है। हाथियों की निगरानी करते हुए ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं हाथी प्रभावित इन गावों में ग्रामीण रतजगा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं जिससे बाल बच्चों, परिवार के साथ बारिश में भटकते ग्रामीणों में मौसमी बीमारियों की शिकायतें भी बढ़ रही है। सीतापुर क्षेत्र में ग्रामीण की मौत की सूचना पर डीएफओ अभिषेक जोगावत, एसडीओ पीसी मिश्रा, वनपरिक्षेत्राधिकारी विजय कुमार तिवारी सहित वन कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रभात खलखो, सरपंच सुभाष उरांव व ग्रामीणों की उप स्थिति में परिजनों से भेंटकर मृतक की पत्नी को 50 हजार रूपए की तत्कालीन सहायता राशि प्रदान की। वन विभाग द्वारा पतेरपानी जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहे दोनों जंगली हाथियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है और वनकर्मियों का एक दल ग्राम देवगढ़ में डेरा डाले हुए हैं।
सीतापुर के देवगढ़ में खेत में गए किसान को भी मार डाला

सीतापुर वनपरिक्षेत्र के ग्राम देवगढ़ में आज गुरूवार को प्रातः छह बजे करीब दो जंगली हाथियों ने 55 वर्षीय कृषक देवगढ़ निवासी मोहर लाल पैकरा को कुचल कर मार डाला। मोहर लाल पैकरा आज प्रातः छह बजे मोरडापारा स्थित अपने धान खेत की ओर गया था। इसी दौरान वहां पहुंचे दो जंगली हाथियों ने मोहर लाल को दोड़ाकर सुड़ में लपेट पटक दिया और पैरो से कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
जर्मन शेफर्ड डॉग को मारा मवेशियों पर भी हमला
देवगढ़ में अधेड़ को मौत के घाट उतारने के बाद जंगली हाथियों ने समीप स्थित प्रवीण कुमार को दो जर्मन शेफर्ड डाग में से एक को मार डाला और दूसरे का हाँग का पैर तोड़ दिया तथा दो बैलो को पायल करते हुए एक मकान को क्षतिग्रस्त कर महुवा कथान पतेरपानी जंगल की और चले गए। बताया जाता है कि दोनों जंगली हाथी ग्राम ललितपुर वन क्षेत्र से ग्राम बेलजओरा, मंग्रेलगढ़, वमलाया होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर ग्राम देवगढ़ में प्रवेश किए और उक्त घटना को अंजाम देने पश्चात महुआ बथान पतेरपानी जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं जिससे ग्रामीणजनों में शोक व भय का माहौल बना हुआ है।
25 हजार की मिली तत्कालिक सहायता
बुधवार की शाम करीब 7 बजे जंगली हाथी ने रोपा लगाकर लौट रहे राम कोरवा 60 वर्ष एवं उसकी बेटी पियारो 35 वर्ष निवासी बेवरापारा चिरगा का सामना हो गया। दोनों हाथी के करीब पहुंच गए। दोनों ने भागने की कोशिश की। हाथी ने दोनों को दौड़ाया और पटककर कुचल दिया। घटना में दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। खबर पर डीएफओ अभिषेक जोगावत वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वन विभाग के द्वारा मृतकों के आश्रितों को तत्कालीन सहायता राशि के रूप में 25-25 हजार रूपए दिया गया।
लुण्ड्रा बस स्टैंड में भी मचाया उत्पात
लुण्ड्रा क्षेत्र में पिछले दो दिन 24 घंटे के भीतर हाथी ने तीन लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया जिससे लोगों में आक्रोश के साथ दहशत है। लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर पहुंचा है। धौरपुर से होते हुए लुण्ड्रा, चंद्रा, उदारी व असकला होते हुए बीती शाम चिरगा पहुंचा था। जहां पिता पुत्री को मौत के घाट उतार लोगों के घरों को तोड़ते हुए रात्रि करिब 11 बजे लुण्ड्रा के रियासी बस्ती से होते हुए बस स्टैंड थाना स्कूल ग्राउंड होते करांकी पहुंचा जहां उत्पात मचा ग्राम के डडगांव करांकी जंगल की ओर चल दिया ।