
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दो दिनों के भीतर लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्र में चार लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद भी हाथियों का दल बस्ती के समीप ही डटा हुआ है। मैनपाट क्षेत्र में दस हाथी विचरण कर रहे थे। सीतापुर क्षेत्र में उत्पात मचाने के बाद दो हाथी मैनपाट चले गए। जिससे मैनपाट में हाथियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। यह हा थियों का दल अब चार अलग अलग भाग में बट गया है। जिसमें रंगुआपारा नर्मदापुर में 2, कुडीझरिया में 1, बाबा पहाड़ में 2 और सरहाढोड़ी में 7 हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों ने गुरूवार की रात लोटापानी में रूदन राम और विफन राम का खप्परपोश मकान क्षतिग्रस्त कर घर पर रखे अनाजों को निवाला बना नुकसान पहुंचाया। हाथियों के विचरण और उत्पात से ग्रामीणों में दहशत हैं। रेंजर फेंकू चौबे ने बताया कि वन विभाग का अमला हाथियों की निगरानी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है।
निगरानी के लिए 7 दल गठित
सरगुजा वनमण्डल में विचरण कर रहे एक मादा हाथी, एक नर शावक को आबादी क्षेत्र से वनक्षेत्र की ओर सुरक्षित निकालने तथा वनक्षेत्र से लगे कच्चे मकान में रहने वाले लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थनों पर ले जाने, 10 किमी परिधि में आने वाले ग्रामों के ग्रामीणों को हाथियों से सावधान रहने तथा जागरूक करने हेतु दल गठित किए गए हैं। हाथियों से बचाव व निगरानी के लिए 7 दलों का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में संबंधित क्षेत्र के वनपाल, बीटगार्ड/वनरक्षक, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, संबंधित थाना क्षेत्र के 2 आरक्षक, संबंधित क्षेत्र के पंचायत सचिव, संबंधित क्षेत्र के समस्त कोटवार शामिल होंगे।